गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में जमीन और मकान खरीदने की योजना बना रहे लोगों की जेब पर जल्द ही अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। जिला प्रशासन ने सर्किल रेट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित नई मूल्यांकन सूची में कई इलाकों में जमीन और मकान की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। नई दरों को 1 अक्टूबर 2026 से लागू करने की तैयारी है।
सर्किल रेट बढ़ने का सीधा असर जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री पर पड़ने वाले स्टाम्प शुल्क पर पड़ सकता है। हालांकि, प्रस्तावित दरों पर अभी आपत्तियां मांगी गई हैं और अंतिम सूची आपत्तियों के निस्तारण के बाद तय की जाएगी।
मकान और प्लॉट की दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव
प्रस्तावित मूल्यांकन सूची के मुताबिक, सदर क्षेत्र में प्रथम श्रेणी के मकानों की दर 17 हजार रुपये से बढ़ाकर 19 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है। वहीं शहरी क्षेत्र में प्लॉट की दर 35 हजार रुपये से बढ़ाकर 38 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर किए जाने की तैयारी है।
इसके अलावा आरसीसी द्वितीय श्रेणी, आरबीसी, कड़ी-गार्डर, पटिया, ईंट, टीनशेड और कच्चे मकानों की मूल्यांकन दरों में भी बदलाव प्रस्तावित किया गया है।
पेड़ों और गैर-कृषि भूमि की दरें भी बदलेंगी
नई मूल्यांकन सूची में भूमि पर लगे पेड़ों के मूल्यांकन की दरों में संशोधन का प्रस्ताव है। इसके अलावा अकृषिक यानी गैर-कृषि प्लॉटों को सड़क की चौड़ाई के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखने की योजना है।
हालांकि, प्रशासन की प्रस्तावित सूची में अविकसित गांवों के सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं किए जाने की बात कही गई है।
मनकापुर के करीब 45 गांवों में 10 फीसदी बढ़ोतरी
मनकापुर तहसील की प्रस्तावित मूल्यांकन दर सूची में करीब 492 गांव और टाउन एरिया के दर्जनभर मोहल्ले शामिल हैं। भिटौरा, बंदरहा, चांदपुर दुर्गा और चांदपुर माफी समेत करीब 45 गांवों में मौजूदा दरों के मुकाबले लगभग 10 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है।
टाउन एरिया के सभी वार्डों में भूमि की दरें भी करीब 10 फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और जनपदीय मार्ग के अलावा पक्की सड़क, खड़ंजा, आरसीसी और इंटरलॉकिंग वाली सड़कों से जुड़े गाटों के लिए भी अलग-अलग दरें प्रस्तावित की गई हैं। आवासीय और व्यावसायिक भूमि की दरों में भी सड़क और क्षेत्र के हिसाब से बदलाव किया जा रहा है।
25 सितंबर तक दर्ज करा सकते हैं आपत्ति
प्रशासन के मुताबिक प्रस्तावित सर्किल रेट पर 25 सितंबर की शाम 5 बजे तक लिखित आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। इसके बाद प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण 28 सितंबर को शाम 4 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में किया जाएगा।
आपत्तियों के निस्तारण के बाद संशोधित मूल्यांकन सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा और 1 अक्टूबर से नई दरें लागू करने की तैयारी है।
बार एसोसिएशन ने जताई आपत्ति
प्रस्तावित सर्किल रेट बढ़ोतरी को लेकर बार एसोसिएशन ने आपत्ति दर्ज कराई है। बार एसोसिएशन अध्यक्ष रविचन्द्र त्रिपाठी का कहना है कि दरें बढ़ने से आम लोगों, किसानों, खरीदारों और विक्रेताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
एसोसिएशन ने अधिकांश दरों को वर्ष 2025-26 के स्तर पर रखने की मांग की है। इसके अलावा निर्माण की विभिन्न श्रेणियों, पेड़ों के मूल्यांकन और रिंग रोड से प्रभावित गांवों में भूमि की प्रस्तावित दरों पर भी पुनर्विचार की मांग की गई है।
फिलहाल नई दरें प्रस्तावित स्तर पर हैं। अंतिम सर्किल रेट प्रशासन की ओर से आपत्तियों के निस्तारण और संशोधित मूल्यांकन सूची जारी किए जाने के बाद स्पष्ट होगा।






