पीएम मोदी ने विपक्ष पर बोला हमला, कहा- ‘आतंकियों को बचाने के लिए रात को अदालत खुलवाते हैं’, 

गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे हुए हैं। पीएम मोदी ने आज केवड़िया में सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की। यहां अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश की एकता और अखंडता के साथ-साथ कश्मीर में 370 को हटाए जाने पर भी बात की। साथ ही उन्होंने देश के लिए सरदार पटेल के सपनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “जैसे 15 अगस्त हमारी स्वतंत्रता के उत्सव का, 26 जनवरी हमारे गणतंत्र के जयघोष का दिवस है, उसी तरह 31 अक्टूबर का ये दिन देश के कोने-कोने में राष्ट्रीयता के संचार का पर्व बन गया है।”

गुजरात के एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आप सभी युवाओं का जांबाजों का ये उत्साह राष्ट्रीय एकता दिवस की बहुत बड़ी ताकत है। एक तरह से मेरे सामने लघु भारत का स्वरूप दिख रहा है। राज्य अलग है, भाषा अलग है, परंपरा अलग है, लेकिन यहां मौजूद हर व्यक्ति एकता की मजबूत डोर से जुड़ा हुआ है।”

आगे पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “अमृतकाल में भारत ने गुलामी की मानसिकता को त्यागकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। हम विकास भी कर रहे हैं और अपनी विरासत का संरक्षण भी कर रहे हैं। भारत ने अपनी नौसेना के ध्वज पर लगे गुलामी के निशान को हटा दिया है। गुलामी के दौर में बनाए गए गैर जरूरी कानूनों को भी हटाया जा रहा है। IPC की जगह भी भारतीय न्याय संहिता लाई जा रही है। इंडिया गेट पर जहां कभी विदेशी सत्ता के प्रतिनिधि की प्रतिमा थी, वहां अब नेताजी सुभाष की प्रतिमा हमें प्रेरणा दे रही है।”
‘आज देश में दुशमन अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो रहे हैं। तुष्टीकरण करने वालों को आतंकवाद नहीं दिखता। तुष्टीकरण से देश का भला नहीं हो सकता है। देश में चुनाव का माहौल बना हुआ है। एक धड़ा अपने स्वार्थ के लिए देश की एकता पर चोट कर देश को नुकसान पहुंचाते हैं। हमें सतर्क रहना है। एकता को सहारा देना है।’

अगले 25 साल भारत के लिए इस दशक के सबसे महत्वपूर्ण 25 साल हैं। इन 25 सालों में हमें अपने भारत को समृद्ध बनाना है, हमें अपने भारत को विकसित बनाना है। आजादी से पहले 25 साल का एक कालखंड था, जिसमें स्वतंत्र भारत के लिए प्रत्येक देशवासी ने अपना बलिदान दिया था। अब, अगले 25 वर्ष हमारे लिए एक अवसर है और हमें हर लक्ष्य हासिल करने के लिए सरदार पटेल से प्रेरणा लेनी होगी।”