ममता की रैली में जुटेंगे सारे विपक्षी नेता, 41 साल बाद विपक्ष का सबसे बड़ा जमावड़ा

देश में 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. हर राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर चुनाव जीतने की तैयारी कर रहा है. एक ओर भाजपा 2019 का चुनाव जीतने के लिए मंदिर पर करबो-लड़बो कर रही है. तो वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए आज यानि शनिवार को कोलकता के मैदान में महारैली का आयोजन किया है. इस रैली के जरिए सारे विपक्षी दल एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ साझी लड़ाई का ऐलान करेंगे.

ये भी पढ़ें- योगी सरकार ने सूबे में 10 फीसदी आरक्षण समेत 14 प्रस्तावों को दी हरी झंडी

बता दें कि लगभग 41 साल बाद कोलकाता में विपक्ष का इतना बड़ा जमावड़ा लग रहा है. इससे पहले साल 1977 में पस्चिम बगांल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने कांग्रेस के खिलाफ बिगुल बजाया था.

दरअसल 2019 में भाजपा को हराने के लिए इस महारैली का आयोजन किया है. ये रैली कोलकता के ब्रिगेड मैदान में होगी. इस रैली में सारे विपक्षी नेता एकजुट होकर मोदी सरकार के खिलाफ हुंकार भरेंगे. ममता बनर्जी का कहना है कि ये लड़ाई भगवा पार्टी के कुशासन के खिलाफ है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा 125 सीटों से ज्यादा नहीं जीत पाएगी.

1977 के बाद पहली बार विपक्ष की ऐतिहासिक रैली

बता दें कि विपक्ष का ऐसा जमावड़ा 41 साल बाद देखने को मिलेगा. इससे पहले पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने कांग्रेस को उखाड़ फेंकने के लिए 7 जून, 1977 को सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए महारैली की थी. इसके बाद इस ऐतिहासिक मैदान में उतने लोग कभी नहीं आए. जानकारी के अनुसार ममता बनर्जी की रैली में चंद्रशेखर राव को छोड़कर विपक्ष के अधिकांश नेता पहुंच रहे हैं. इस रैली में कांग्रेस से लेकर जेडीएस, नेशनल कॉन्फ्रेंस, एनसीपी, आरजेडी, एसपी, बीएसपी और टीडीपी, आम आदमी पार्टी समेत कम से कम 20 दलों के नेता, कई मुख्यमंत्री, कई पूर्व मुख्यमंत्री और दर्जनों पूर्व मंत्री ब्रिगेड के मैदान में अपनी लोकप्रियता का इम्तिहान देंगे. सबके निशाने पर एक ही शख्स होगा और सबकी जुबान पर एक ही नाम होगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

295 सीटों पर असर रखने वाले नेताओं का जमावड़ा

मतलब कम से कम 295 सीटों पर असर रखने वाले नेता एक साथ कोलकाता के ब्रिगेड मैदान के मंच पर मौजूद रहेंगे. हालांकि इसमें कांग्रेस के दबदबे वाली सीटें शामिल नहीं हैं, जबकि मंच पर खड़गे समेत कांग्रेस के दो-दो नेता मौजूद होंगे. राहुल गांधी खुद नहीं जा पा रहे, इसलिए उन्होंने चिट्ठी भेजी है कि मोदी सरकार के खिलाफ इस वक्त पूरे देश में आक्रोश है और टीएमसी के इस प्रयास का कांग्रेस पार्टी पूरा समर्थन करती है.

ये भी पढ़ें- झारखंड में तकनीकी सहायक के पद पर निकली भर्तियां, जानें पूरी जॉब डिटेल

बीजेपी ने बताया घबराहट

दिल्ली में बैठकर और 28 दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने वाली पार्टी भाजपा कोलकता में हो रही 20 दलों की महारैली को घबराहट बता रही है. इस कड़ी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि इन दलों में बीजेपी से अकेले लड़ने की ताकत नहीं है, इसलिए ये सब एकजुट हो रहे हैं.