क्या आप जानते है माँ लक्ष्मी के प्रसिद्ध मंदिरों को ?

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हिंदू धर्मग्रंथों और पुराणों में धन और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माँ महालक्ष्मी या लक्ष्मी जी को माना गया है. लक्ष्मी जी की पूजा और आराधना के लिए यूं तो पूरे देश में अनेक मंदिर हैं.

लेकिन उनमें कुछ ही ऐसे मंदिर हैं जहां विष्णुप्रिया लक्ष्मी जी के मंदिर में श्रद्धालु देश-दुनिया से धन और समृद्धि की कामना के साथ पहुंचते हैं. आइए जानते है ये कौन से मंदिर हैं .

महालक्ष्मी मंदिर, कोल्हापुर

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित महालक्ष्मी मंदिर को भारत का सबसे प्रसिद्ध लक्ष्मी मंदिर माना जाता है. इतिहास देखे तो इस मंदिर का निर्माण 7वीं सदी में चालुक्य वंश के शासक कर्णदेव ने करवाया था. मान्यता है कि यहा लक्ष्मी प्रतिमा लगभग 7,000 साल पुरानी है.
इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां सूर्य भगवान अपनी किरणों से स्वयं देवी लक्ष्मी का पाद-अभिषेक करते हैं. जनवरी और फरवरी के महीने में सूर्य की किरणें देवी की पैरों का वंदन करती हुई मध्य भाग से गुजरते हुए फिर देवी का मुखमंडल को रोशनी करती हैं, जो कि एक आश्चर्य करने वाला दृश्य उत्पन्न होता है जिसे देखने के लिए भारत के कोने कोने से भक्त आते है.

श्रीपुरम का स्वर्ण मंदिर

भारत के दक्षिण में तमिलनाडु के वेल्लु जिले के श्रीपुरम गांव में स्थित नया श्री महालक्ष्मी मंदिर को ‘दक्षिण भारत का स्वर्ण मंदिर’ के रुप में जाना जाता है. 100 एकड़ में फैला है मंदिर. यह मंदिर पहले आम जनता के दर्शन के लिए बंद था, जिसे 2007 में सभी के लिए खोल दिया गया. यह भारत का सबसे बड़ा स्वर्ण मंदिर है. इसमे दर्शन करने के सख्त नियम है जिनका पालन श्रद्धालुओं को करना पड़ता है.

लक्ष्मीनारायण मंदिर, नई दिल्ली

भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर में देवी लक्ष्मी अपने स्वामी भगवान विष्णु के साथ विराजमान हैं. इस मंदिर का निर्माण सन् 1622 में वीरसिंह देव ने करवाया था. बाद में मंदिर का जीर्णोधार और पुनरुद्धार सन 1938 में मशहूर उद्योगपति जी.डी. बिरला ने करवाया. इस मंदिर में दीपावली पर विशेष पूजा की जाती है.

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई

मुंबई का महालक्ष्मी मंदिर सर्वाधिक प्राचीन मंदिरों में से एक है. यह मंदिर अरब सागर के किनारे बी. देसाई मार्ग पर स्थित है. यहां हर दिन श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ती है. महालक्ष्मी मंदिर में महालक्ष्मी क साथ देवी महाकाली माँ सरस्वती की प्रतिमाएं एक साथ विद्यमान हैं.जो भक्तों की सभी कष्टों को हर लेती है.

महालक्ष्मी मंदिर, इंदौर

कभी होल्कर राजाओं की राजधानी रहे मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर का निर्माण सन 1832 ई. में मल्हारराव होल्कर द्वितीय ने करवाया था. इस मंदिर में हर रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालु देवी महालक्ष्मी का दर्शन करने आते हैं.

पद्मावती मंदिर, तिरुचुरा

पद्मावती लक्ष्मी जी का ही एक नाम है जिसका अर्थ है कमल से उत्पन्न होने वाली. आंध्र प्रदेश में तिरुपति के पास तिरुचुरा नामक एक गांव में देवी पद्मावती का सुंदर मंदिर स्थित है. लोक मान्यता है कि तिरुपति बालाजी के मंदिर में मांगी गयी मन्नतें तभी पूरी होती है, जब श्रद्धालु वेंकेटश्वर के साथ-साथ देवी पद्मावती का दर्शन कर लेते है.

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