लगातार 21 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर सफदरजंग अस्पताल ने नया मेडिकल अपडेट जारी किया है। अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. चारु बांबा ने बताया कि वांगचुक फिलहाल पूरी तरह होश में हैं और उनके ब्लड प्रेशर, पल्स रेट तथा ऑक्सीजन सैचुरेशन जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक स्थिर हैं। हालांकि, लंबे उपवास और डिहाइड्रेशन की वजह से उनके शरीर में कुछ चिकित्सीय बदलाव दर्ज किए गए हैं, जिसके चलते उन्हें 24 घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
वहीं, दूसरी ओर वांगचुक के परिवार ने अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां भी दर्ज कराई हैं। ऐसे में उनकी सेहत और आंदोलन दोनों पर लोगों की नजर बनी हुई है।
डॉक्टरों ने क्या कहा?
सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. चारु बांबा के मुताबिक, सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है और वह पूरी तरह होश में हैं।
उन्होंने बताया कि ब्लड प्रेशर (BP), पल्स रेट और ऑक्सीजन सैचुरेशन सामान्य स्तर पर हैं। हालांकि, लगातार भूख हड़ताल और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के कारण ब्लड टेस्ट और इलेक्ट्रोलाइट्स में कुछ बदलाव देखने को मिले हैं। इसी वजह से उन्हें अस्पताल में जरूरी मेडिकल केयर दी जा रही है।
24 घंटे निगरानी की जरूरत क्यों?
अस्पताल के अनुसार, लंबे समय तक भोजन न लेने का असर शरीर पर पड़ता है और ऐसे मरीजों में अचानक स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं भी सामने आ सकती हैं।
इसी कारण डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि सोनम वांगचुक को 24 घंटे कड़ी चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाना जरूरी है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत इलाज शुरू किया जा सके। अस्पताल की विशेषज्ञ टीम लगातार उनके स्वास्थ्य मानकों पर नजर बनाए हुए है।
कब अस्पताल लाए गए थे?
सोनम वांगचुक NEET-UG में कथित धांधली और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे।
रिपोर्ट के अनुसार, 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस उन्हें बिगड़ती सेहत और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी। इसके बाद से उनका इलाज और स्वास्थ्य निगरानी अस्पताल में जारी है।
परिवार ने इलाज की प्रक्रिया पर जताई आपत्ति
अस्पताल प्रशासन के दावों के बीच वांगचुक के परिवार और सहयोगियों ने इलाज की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल में उपचार को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए और वांगचुक की सहमति से ही आगे की चिकित्सीय प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
इसी सिलसिले में उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने भी कानूनी कदम उठाए हैं और अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इस मामले में आगे अदालत और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी।
फिलहाल अस्पताल का कहना है कि सोनम वांगचुक की स्थिति स्थिर है, लेकिन लंबे अनशन के कारण उन्हें निरंतर मेडिकल निगरानी में रखना आवश्यक है।



