उत्तर प्रदेश में दिवाली से पहले योगी सरकार ने लाखों सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। राज्य सरकार ने करीब 18 लाख कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन का तदर्थ बोनस देने का ऐलान किया है। इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। सरकार के फैसले के बाद पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 7,000 रुपये तक बोनस मिल सकेगा। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ सिर्फ सरकारी विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, जिला पंचायतों और स्थानीय निकायों के कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया गया है। हालांकि, बोनस पाने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। जिन कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमा लंबित है, उन्हें फिलहाल इस भुगतान से बाहर रखा गया है।
18 लाख कर्मचारियों को मिलेगा दिवाली बोनस, शासनादेश जारी
योगी सरकार ने दिवाली के मौके पर राज्य कर्मचारियों को राहत देते हुए 30 दिन का बोनस देने का फैसला किया है। मुख्य सचिव दीपक कुमार की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है।
आदेश के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कर्मचारियों को 30 दिनों के आधार पर तदर्थ बोनस दिया जाएगा। सरकार ने बोनस की गणना के लिए अधिकतम सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की है।
इसका मतलब है कि पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारियों को अधिकतम 7 हजार रुपये तक का लाभ मिल सकता है। यह राशि कर्मचारियों के लिए त्योहार के दौरान अतिरिक्त आर्थिक मदद साबित हो सकती है।
दिवाली के समय घर के खर्च, खरीदारी और दूसरी जरूरतें बढ़ जाती हैं। ऐसे में सरकार के इस फैसले से लाखों परिवारों को कुछ अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
किन कर्मचारियों की चमकेगी किस्मत? इन विभागों को भी मिलेगा फायदा
सरकार ने बोनस योजना का दायरा काफी व्यापक रखा है। शासनादेश के अनुसार, इसका लाभ इन श्रेणियों के कर्मचारियों को मिलेगा:
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पूर्णकालिक अराजपत्रित राज्य कर्मचारी।
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राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी।
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सहायता प्राप्त प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी।
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नगर निकायों और स्थानीय निकायों के कर्मचारी।
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जिला पंचायतों में कार्यरत कर्मचारी।
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राजकीय विभागों के कार्यभारित कर्मचारी।
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पात्र दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी।
इस फैसले से केवल नियमित सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि विभिन्न संस्थानों और निकायों में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को भी लाभ मिल सकता है।
हालांकि, सभी कर्मचारियों को समान रूप से बोनस मिलने की बात नहीं कही गई है। वास्तविक भुगतान निर्धारित पात्रता और बोनस की गणना के नियमों के आधार पर होगा।
बोनस पाने के लिए पूरी करनी होंगी ये शर्तें
योगी सरकार ने बोनस का लाभ देने के लिए सेवा से जुड़ी कुछ जरूरी शर्तें भी रखी हैं।
शासनादेश के मुताबिक, उन्हीं कर्मचारियों को इस योजना का लाभ मिलेगा, जिन्होंने 31 मार्च 2024 तक लगातार एक साल की सेवा पूरी कर ली थी।
इसके अलावा बोनस की गणना के लिए अधिकतम सीमा 7,000 रुपये तय की गई है। यह भुगतान 30 दिनों के तदर्थ बोनस के रूप में किया जाएगा।
इसलिए जिन कर्मचारियों की सेवा निर्धारित अवधि के अनुसार पूरी नहीं हुई है, उन्हें इस योजना का लाभ मिलने की पात्रता नहीं होगी।
कर्मचारियों के लिए यह जरूरी है कि वे अपनी सेवा अवधि और संबंधित विभाग की ओर से तय पात्रता की जानकारी जरूर जांच लें।
इन कर्मचारियों को फिलहाल नहीं मिलेगा बोनस, सरकार ने रखी यह शर्त
शासनादेश में उन कर्मचारियों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है, जिनके खिलाफ विभागीय या कानूनी कार्रवाई चल रही है।
सरकार के आदेश के अनुसार, जिन कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित है या जिन पर आपराधिक मुकदमा चल रहा है, उन्हें फिलहाल बोनस का भुगतान नहीं किया जाएगा।
ऐसे कर्मचारियों को बोनस कब दिया जाएगा, इस पर सरकार बाद में फैसला करेगी।
इस तरह योगी सरकार के इस फैसले से उत्तर प्रदेश के करीब 18 लाख कर्मचारियों को दिवाली पर आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है। अधिकतम 7,000 रुपये तक का बोनस त्योहार के खर्चों में मददगार हो सकता है।
अब कर्मचारियों की नजर बोनस के वास्तविक भुगतान और खाते में रकम आने की तारीख पर रहेगी। शासनादेश जारी होने के बाद संबंधित विभागों में भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

