100 करोड़ टैक्स चोरी में बरेली के तीन कारोबारी गिरफ्तार

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100 करोड़ टैक्स चोरी में बरेली के तीन कारोबारी गिरफ्तार

लखनऊ: डीजीजीआई की लखनऊ जोनल यूनिट ने बरेली के तीन कारोबारियों को 1800 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग कर 100 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी और हेराफेरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. गुरुवार को गिरफ्तार किए गए जयदीप अग्रवाल, रचिन गुप्ता और सुनील कुमार गुप्ता इन तीनों कारोबारियों को लखनऊ में कोर्ट में पेश किया गया, जहां से इन्हें जेल भेज दिया गया. प्रदेश में इस तरह की जीएसटी टैक्स चोरी में बड़ी कार्रवाई पहली बार की गई है, जिसमें कई कारोबारी धरे गए हैं.

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कासगंज, बरेली और शाहजहांपुर में हुई छापेमारी

महानिदेशक गुड्स एंड सर्विस टैक्स इंटेलिजेंस(डीजीजीआई) की लखनऊ जोनल यूनिट ने खुफिया सूचना के आधार पर बुधवार को छापे की कार्रवाई शुरू की थी. पुख्ता जानकारी होने के बाद टीम ने बिना स्थानीय अधिकारियों की सूचना के बरेली, शाहजहांपुर और कासगंज जिले के सहावर में छापेमारी की. इन तीनों कारोबारियों ने बोगस इनवाइस बनाकर बिना माल की खरीद-फरोख्त के फर्जी बिलिंग से कारोबार दिखाया. यह तीनों कारोबारी बरेली से ही अपना कारोबार चला रहे थे.

इन्होंने दर्जनों बोगस कंपनियां बनाकर खुद ही खरीद की और बिक्री दिखाई. इन कंपनियों के जरिए चावल, चीनी आदि की खरीद-बिक्री की गई थी जबकि हकीकत में कोई खरीद-बिक्री हो ही नहीं रही थी. केवल टैक्स चोरी करने के लिए बिलिंग की जा रही थी.

दिखाया स्कूटर-ई रिक्शा पर ढोया 20-20 टन माल

कारोबारियों ने जिन वाहनों पर इस माल की सप्लाई दिखाई है उनमें अधिकांश स्कूटर, मोटरसाइकिल, ई-रिक्शा, बस और डंपर के नंबर दिखाए गए हैं. फर्जीवाड़ा यहां तक कि स्कूटर-मोटरसाइकिल पर 20-20 मि.टन चीनी-चावल की सप्लाई दिखाई गई. जांच में अफसरों को पता चला कि न केवल माल की सप्लाई भेजी गई बल्कि फर्जी तरीके से खुद ही सप्लाई को रिसीव भी किया गया. इसके लिए भी फर्जी कागज बनाए गए. इन फर्जी कागजों के जरिए कारोबारी इनपुट टैक्स क्रेडिट की सुविधा का फायदा उठा रहे थे.

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बरामद हुई 350 करोड़ के इनवायस

छापेमारी के दौरान अफसरों ने जयदीप अग्रवाल के यहां से लगभग 350 करोड़ रुपये के खरीद इनवायस बरामद किए. इसमें 17.53 करोड़ रुपये जीएसटी चोरी की गई और उन्होंने 351 करोड़ रुपये की बिक्री की इनवायस जारी की और इसमें 17.58 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी हुई. इसी तरह रचिन गुप्ता और सुनील कुमार ने 500 करोड़ की खरीद दिखाई जिसमें 25 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की और 590 करोड़ रुपये की बिक्री दिखाकर 30 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी कर ली.

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14 दिन की रिमांड पर जेल भेजा गया

एडिशनल डायरेक्टर दिनेश कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच-पड़ताल में मिली जानकारी में यह आंकड़े सामने आए हैं. अभी आगे की जांच चल रही है और यह फर्जीवाड़ा और बड़ा हो सकता है. इन तथ्यों सामने आने के बाद तीनों आरोपी कारोबारियों को गुरुवार को जीएसटी एक्ट में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया. जहां से उन्हें 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी कड़ी है इनका जाल पूरे प्रदेश में फैला हुआ है. जांच आगे बढ़ने पर कई और व्यापारी-कारोबारी के नाम सामने आएंगे.इस पूरे अभियान का नेतृत्व डीजीजीआई लखनऊ के अपर महानिदेशक राजेंद्र सिंह ने किया. इसमें एडिशनल डायरेक्टर दिनेश कुमार, डिप्टी डायरेक्टर अमित कुमार सहित GB आदि की टीम ने कार्रवाई की.

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